inverter UPS vs Solar Inverter – Which One is Better?

आजकल बिजली की समस्या हर घर में आम है। अचानक लाइट चली जाए तो पंखा, बल्ब, टीवी, फ्रिज या कंप्यूटर सब रुक जाते हैं। ऐसे समय पर हमें जरूरत होती है पावर बैकअप सिस्टम की।

मार्केट में दो पॉपुलर विकल्प उपलब्ध हैं – इन्वर्टर यूपीएस (Inverter UPS) और सोलर इन्वर्टर (Solar Inverter)।
लेकिन सवाल यह उठता है कि –
आखिर इन्वर्टर और सोलर इन्वर्टर में क्या फर्क है?
कौन सा सिस्टम आपके लिए सही रहेगा?
किसे खरीदने से ज्यादा फायदा होगा?


Inverter UPS क्या होता है? / What is Inverter UPS?

इन्वर्टर यूपीएस एक ऐसा सिस्टम है जो मेन बिजली सप्लाई (Grid Supply) से बैटरी चार्ज करता है। जब बिजली चली जाती है, तो यह बैटरी से स्टोर की गई ऊर्जा को AC (Alternating Current) में बदलकर घर के उपकरणों को चलाता है।


Inverter UPS की खास बातें / Key Features of Inverter UPS

Power Source → केवल बिजली बोर्ड की सप्लाई पर निर्भर।

Function → सिर्फ बैकअप देता है, खुद बिजली नहीं बनाता।

Connection → बैटरी चार्ज होकर जरूरत पड़ने पर डिस्चार्ज होती है।

Cost → शुरुआती खर्च कम (₹10,000 – ₹20,000 तक)।

बिजली का बिल (Electricity Bill) → कम नहीं होता, क्योंकि चार्जिंग भी ग्रिड से होती है।

अगर आपके इलाके में रोज 2–3 घंटे बिजली जाती है तो इन्वर्टर यूपीएस सही रहेगा।


(Solar Inverter) क्या होता है? /What is Solar Inverter?

सोलर इन्वर्टर एक एडवांस्ड सिस्टम है जो सोलर पैनल से जुड़ा होता है।
सोलर पैनल सूरज की रोशनी को DC (Direct Current) में बदलते हैं और फिर सोलर इन्वर्टर इस DC को AC (Alternating Current) में बदलकर आपके घर के फैन, बल्ब, टीवी और अन्य उपकरणों को चलाता है।


Solar Inverter की खास बातें

Power Source → सूरज की रोशनी (Solar Energy)।

Function→ बिजली बनाता भी है और बैकअप भी देता है।

Saving→ बिजली का बिल काफी कम या जीरो तक हो जाता है।

Cost→ शुरुआती लागत ज्यादा (₹50,000+ depending on system size)।

Lifespan → लंबे समय तक चलता है और Eco-Friendly है।

अगर आपके पास छत उपलब्ध है और आप बिजली का बिल कम करना चाहते हैं तो सोलर इन्वर्टर सबसे अच्छा विकल्प है।


Difference Between Inverter UPS and Solar Inverter

विशेषता (Feature) Inverter UPS Solar Inverter

पावर सोर्स (Power Source) केवल ग्रिड बिजली (Mains Supply) सोलर पैनल + ग्रिड दोनों
बिजली का बिल (Electric Bill) कम नहीं होता काफी कम या Zero हो सकता है
बैकअप (Backup) केवल बैकअप देता है बैकअप + बिजली उत्पादन दोनों
शुरुआती लागत (Initial Cost) कम (₹10-20 हज़ार) ज्यादा (₹50 हज़ार से ऊपर)
लंबे समय का फायदा (Benefit) कम, बिल हमेशा देना पड़ेगा ज्यादा, सालों तक Free Electricity
बेस्ट उपयोग (Best For) सिर्फ बिजली कटौती की समस्या Bill बचाने और Green Energy के लिए


Which System is Best for You? आपके लिए कौन सा सिस्टम सही है?

अगर आपके इलाके में बिजली कटौती ज्यादा होती है लेकिन बिजली का बिल manageable है → इन्वर्टर यूपीएस सही रहेगा।

अगर आप बिजली का बिल कम करना चाहते हैं और Eco-Friendly सिस्टम अपनाना चाहते हैं → सोलर इन्वर्टर सबसे बेस्ट है।

अगर बजट कम है → पहले इन्वर्टर यूपीएस लगाइए और बाद में सोलर सिस्टम जोड़ सकते हैं।

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