परिचय
आज की दुनिया बिजली के बिना अधूरी है। मोबाइल चार्ज करना हो, पंखा चलाना हो या फिर बड़े-बड़े उद्योग – हर जगह बिजली की ज़रूरत होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिजली दो तरह की होती है? AC (Alternating Current) और DC (Direct Current)।
इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में जानेंगे कि AC और DC करंट क्या है, इनमें क्या फर्क है और ये कहाँ इस्तेमाल होते हैं।
AC करंट (Alternating Current) क्या है?
AC करंट ऐसा करंट है जो बार-बार अपनी दिशा बदलता रहता है।
इसकी फ़्रीक्वेंसी भारत में 50 Hz होती है यानी यह करंट हर सेकंड 50 बार दिशा बदलता है।
घरों में पंखा, बल्ब, टीवी, फ्रिज आदि सभी AC सप्लाई से चलते हैं।
उदाहरण: आपके घर में जो बिजली बोर्ड से आती है, वो AC करंट होती है।
DC करंट (Direct Current) क्या है?
DC करंट वह करंट है जो हमेशा एक ही दिशा में बहता है।
इसमें वोल्टेज स्थिर रहता है।
बैटरी, मोबाइल चार्जर और लैपटॉप एडॉप्टर से मिलने वाली बिजली DC सप्लाई होती है।
उदाहरण: पेन-ड्राइव, मोबाइल, टॉर्च – ये सब DC करंट से चलते हैं।
AC और DC करंट में मुख्य अंतर
बिंदु AC करंट DC करंट
दिशा बार-बार बदलती है हमेशा एक दिशा में
वोल्टेज ऊपर-नीचे (वैरिएबल) होता है स्थिर (कॉनस्टेंट) रहता है
स्रोत पावर स्टेशन, जनरेटर बैटरी, सोलर सेल
ट्रांसमिशन लंबी दूरी तक आसान लंबी दूरी पर कठिन
उपयोग घर, उद्योग, पंखे, टीवी मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट
कहाँ इस्तेमाल होता है?
AC करंट: घरों की बिजली सप्लाई, इंडस्ट्री, मोटर, ट्रांसफॉर्मर
DC करंट: मोबाइल, कंप्यूटर, LED लाइट, सोलर पैनल
निष्कर्ष
AC और DC दोनों करंट हमारी ज़िंदगी में बेहद जरूरी हैं।
AC करंट घर और उद्योग चलाने के लिए
DC करंट छोटे उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक्स चलाने के लिए
अगर हम इन दोनों के फर्क को समझ लें, तो हमें बिजली का उपयोग और भी बेहतर तरीके से करना आसान हो जाएगा।