Top Electrical Earthing Tips 2025 – इलेक्ट्रिकल अर्थिंग की पूरी जानकारी
Top Electrical Earthing Tips 2025 – इलेक्ट्रिकल अर्थिंग की पूरी जानकारी

इलेक्ट्रिकल अर्थिंग (Electrical Earthing) – सुरक्षा का पहला कदम
हमारे घरों, ऑफिस और इंडस्ट्री में बिजली का इस्तेमाल आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। Electricity ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। बिजली से होने वाले हादसे कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिकल अर्थिंग (Electrical Earthing) या बिजली का ग्राउंडिंग एक बहुत ही महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय बन जाता है।

इलेक्ट्रिकल अर्थिंग क्या है? Electrical Earthing
इलेक्ट्रिकल अर्थिंग का मतलब है, किसी भी इलेक्ट्रिकल डिवाइस या सिस्टम को सीधे धरती (Earth) से जोड़ना। इससे अगर डिवाइस में कोई Fault हो जाता है, जैसे कि वायरिंग टूट जाना या शॉर्ट सर्किट, तो बिजली की अतिरिक्त मात्रा सीधे धरती में चली जाती है।
सीधे शब्दों में कहें, तो अर्थिंग बिजली के Safe Path को जमीन की ओर divert करता है। इससे इंसान को झटका लगने का खतरा कम हो जाता है और उपकरण भी सुरक्षित रहते हैं।
अर्थिंग की आवश्यकता क्यों है?
- सुरक्षा (Safety): सबसे बड़ा कारण है इंसानों और जानवरों की सुरक्षा। अगर किसी उपकरण में Current Leakage हो जाए, तो अर्थिंग के माध्यम से यह Current सीधे जमीन में चला जाता है।
- उपकरण की रक्षा (Equipment Protection): बिना अर्थिंग के, बिजली की अनियंत्रित मात्रा इलेक्ट्रिकल उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकती है।
- Voltage Stabilization: अर्थिंग सिस्टम की Voltage को stabilize करने में मदद करता है। यह सुनिश्चित करता है कि डिवाइस सही Voltage पर काम करें।
- Lightning Protection: जब बिजली गिरती है (Lightning), तो अर्थिंग के कारण बिजली का प्रवाह सीधे जमीन में चला जाता है, जिससे आग और नुकसान की संभावना कम हो जाती है।
अर्थिंग के प्रकार Types of Earthing

इलेक्ट्रिकल अर्थिंग मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:
- Plate Earthing: इसमें जमीन में एक प्लेट डालकर अर्थिंग की जाती है। प्लेट अक्सर Copper या GI (Galvanized Iron) की होती है।
- Rod Earthing: इसमें लंबी Rod को जमीन में गाड़कर अर्थिंग किया जाता है। यह method घरों और छोटे बिल्डिंग्स में बहुत popular है।
- Pipe Earthing: इसमें एक पाइप को जमीन में डालकर उसके अंदर पानी या Electrolyte solution डाला जाता है ताकि conduction बेहतर हो।
अर्थिंग कैसे काम करती है? How Earthing Works
जब किसी उपकरण में Voltage leak होता है, तो Current सीधे इंसान के शरीर से होकर गुजर सकता है। यह बहुत खतरनाक है।
Earthing system में ये Current इलेक्ट्रिक वायरिंग के माध्यम से Earth में चला जाता है। इससे इंसान सुरक्षित रहता है और उपकरण भी सुरक्षित रहते हैं।
Example: अगर आपके घर के AC की metal body में Fault हो जाता है, और आप उसे छूते हैं, तो अगर proper अर्थिंग है, तो Current सीधे Ground में चला जाएगा।
अर्थिंग की सही जाँच कैसे करें?
- Earth Resistance Test: यह टेस्ट बताता है कि Earth में resistance कितनी है। Ideal value 1-5 Ohms के बीच होनी चाहिए।
- Periodic Inspection: हर 6 महीने में अर्थिंग की जाँच करना जरूरी है।
- Corrosion Check: Copper या GI rod समय के साथ corrode हो सकते हैं। इसे बदलते रहना चाहिए।
अर्थिंग के फायदे Benefits of Earthing
Safety First: इंसानों के लिए सुरक्षा।
Appliance Safety: इलेक्ट्रिकल उपकरणों की लंबी उम्र।
Voltage Stabilization: Voltage fluctuations से बचाव।
Fire Prevention: Electrical Fault से आग लगने का खतरा कम।
ध्यान रखने योग्य बातें
अर्थिंग system को हमेशा moist soil में install करें, dry soil में conduction कम होता है।
अर्थिंग wire की thickness सही होनी चाहिए।
Heavy electrical equipment के लिए separate अर्थिंग system रखें।
निष्कर्ष (Conclusion)
इलेक्ट्रिकल अर्थिंग सिर्फ एक तकनीकी requirement नहीं है, बल्कि यह हमारी सुरक्षा और उपकरणों की सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। Proper अर्थिंग के बिना बिजली का इस्तेमाल खतरे से खाली नहीं है। इसलिए घरों, ऑफिस और इंडस्ट्री में अर्थिंग को implement करना एक must-have safety measure है।
जब भी आप नया इलेक्ट्रिकल काम करवाएँ, अर्थिंग की proper installation और periodic check को नजरअंदाज मत करें। याद रखें, Safety is not an option, it’s a necessity!
