“पावर फैक्टर क्या है और इसे कैसे सुधारें? | Capacitor से Power Factor सुधारने का आसान तरीका”
“पावर फैक्टर क्या है और इसे कैसे सुधारें? | Capacitor से Power Factor सुधारने का आसान तरीका”

Interoduction
अगर आप इलेक्ट्रिसिटी बिल, मोटर, इंडस्ट्रियल मशीन या पावर सिस्टम से जुड़े हैं, तो “Power Factor (पावर फैक्टर)” शब्द आपने जरूर सुना होगा।
बहुत से लोग इसका मतलब नहीं समझते, लेकिन यह बिजली की कुशलता (Efficiency) को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण मापदंड है।
सही पावर फैक्टर से न केवल बिजली की खपत घटती है बल्कि उपकरणों की लाइफ भी बढ़ती है।

What is Power factor पावर फैक्टर क्या है?
पावर फैक्टर (Power Factor) एक ऐसा अनुपात है जो दर्शाता है कि आपकी बिजली कितनी कुशलता से उपयोग हो रही है।
यह वास्तविक शक्ति (Real Power) और प्रतीत शक्ति (Apparent Power) का अनुपात होता है।
\text{Power Factor} = \frac{\text{Real Power (kW)}}{\text{Apparent Power (kVA)}}
Real Power (kW) = जो वास्तविक कार्य करती है, जैसे मोटर चलाना या बल्ब जलाना।
Apparent Power (kVA) = कुल शक्ति जो सप्लाई से ली जा रही है।
यदि पावर फैक्टर 1 है, तो इसका मतलब है कि पूरी बिजली का उपयोग कार्य में हो रहा है।
लेकिन अगर पावर फैक्टर 0.8 या 0.7 है, तो इसका मतलब है कि कुछ बिजली “Reactive Power” के रूप में बर्बाद हो रही है।
What is an inductive Load इंडक्टिव लोड क्या होता है?
Inductive Load वह होता है जो बिजली की ऊर्जा को मैग्नेटिक फील्ड के रूप में स्टोर करता है, जैसे –
मोटर (Motor)
ट्रांसफार्मर (Transformer)
फैन (Fan)
वेल्डिंग मशीनें (Welding Machines)
जब इंडक्टिव लोड पर करंट बहता है, तो करंट वोल्टेज से पीछे (Lag) रह जाता है।
इसी कारण ऐसे लोड का Power Factor Lagging होता है।
For Example:
यदि आपके पास एक इंडक्शन मोटर है, तो उसमें करंट वोल्टेज से 30° पीछे रह सकता है।
इस स्थिति में, पावर फैक्टर = cos(30°) = 0.866 (लगभग 0.87 lagging) होता है।


low Power Factor Loss लो पावर फैक्टर के नुकसान
- बिजली का अधिक उपभोग: कम पावर फैक्टर से बिजली की लाइनों में अधिक करंट बहता है।
- बिजली बिल में वृद्धि: इंडस्ट्री में पावर फैक्टर कम होने पर पेनल्टी लगती है।
- केबल और ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड: ज्यादा करंट के कारण ओवरहीटिंग और नुकसान।
- सिस्टम की दक्षता में कमी: मशीनें अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पातीं।

How to Improve Power Factor पावर फैक्टर को कैसे सुधारें?
पावर फैक्टर को सुधारने के लिए हमें कैपेसिटर (Capacitor) का उपयोग करना होता है।
कैपेसिटर करंट को वोल्टेज से आगे (Leading) करवाता है।
जब हम कैपेसिटर को इंडक्टिव लोड के साथ जोड़ते हैं, तो वह करंट को आगे खींचता है और इंडक्टिव लोड के “Lagging Effect” को संतुलित करता है।
परिणामस्वरूप, करंट और वोल्टेज के बीच का कोण घटता है और पावर फैक्टर बढ़ जाता है।
For Example
Exp. 1: Inductive Load (Moter )इंडक्टिव लोड (मोटर)
मान लीजिए एक फैक्ट्री में 5 HP की मोटर चल रही है जिसका पावर फैक्टर 0.7 lagging है।
इसका मतलब है कि वोल्टेज और करंट के बीच 45° का फेज़ डिफरेंस है।
अब अगर हम इसके साथ कैपेसिटर बैंक लगाते हैं, जो करंट को 45° से आगे खींचता है, तो दोनों प्रभाव एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं।
इससे नया पावर फैक्टर 0.98 तक पहुंच सकता है — यानी लगभग आदर्श स्थिति।
Capacitor से Power factor सुधारने का तरीका
- Static Capacitor Installation:
छोटे लोड या मोटर पर सीधे कैपेसिटर लगाना।
आसान और कम लागत वाला उपाय।
- Automatic Power Factor Controller (APFC) Panel:
बड़े इंडस्ट्रियल लोड के लिए।
यह ऑटोमैटिक रूप से कैपेसिटर बैंक को जोड़ता या हटाता है ताकि PF हमेशा 0.95 से ऊपर बना रहे।
- Synchronous Condenser:
यह एक विशेष प्रकार की मोटर होती है जो Reactive Power को नियंत्रित करती है।
बड़े पावर स्टेशन या ग्रिड सिस्टम में उपयोग की जाती है।
Capacitor लगाने के फायदे
बिजली की खपत में कमी
ट्रांसफॉर्मर और केबल की लोडिंग कम
बिजली बिल में बचत
वोल्टेज स्टेबिलिटी में सुधार
उपकरणों की आयु में वृद्धि
आदर्श Power factor क्या होना चाहिए?
सामान्यत: पावर फैक्टर 0.95 से 1.0 के बीच होना चाहिए।
कई बिजली वितरण कंपनियाँ 0.9 से नीचे पावर फैक्टर होने पर जुर्माना लगाती हैं, जबकि 0.95 से ऊपर होने पर इंसेंटिव भी देती हैं।
Conclusion
पावर फैक्टर बिजली के कुशल उपयोग का दर्पण है।
यदि आपके सिस्टम में मोटर, फैन, या अन्य इंडक्टिव लोड हैं, तो पावर फैक्टर स्वाभाविक रूप से कम होगा।
इसे सुधारने के लिए कैपेसिटर बैंक या APFC पैनल लगाना सबसे प्रभावी उपाय है।
सही पावर फैक्टर बनाए रखकर आप न केवल अपनी बिजली की लागत घटा सकते हैं, बल्कि अपने उपकरणों की परफॉर्मेंस और लाइफ भी बढ़ा सकते हैं।

आपका सहयोग एवं मार्गदर्शन सराहनीय है, बहुत धन्यवाद।
Thank you